* बापूग्राम में उमड़ा श्रद्धा का सागर, जयप्रकाश जी को भावभीनी विदाई, वैदिक मंत्रोच्चार और संतों की उपस्थिति में श्रद्धांजलि सभा, प्रतिभोज के साथ दी गई अंतिम श्रद्धा*

(रिपोर्ट@संपादक) ऋषिकेश/उत्तराखंड भास्कर – बापूग्राम स्थित भगवत कृपा आश्रय में आचार्य प्रसन्न महाराज के पिता स्वर्गीय जयप्रकाश जी की स्मृति में भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा एवं प्रतिभोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम श्रद्धा, संवेदना और आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में संत-महात्माओं, समाजसेवियों और श्रद्धालुओं ने भाग लेकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार एवं शांति पाठ के साथ हुई। इसके पश्चात उपस्थित संतों एवं विद्वानों ने जयप्रकाश जी के सादगीपूर्ण जीवन, धर्मनिष्ठा और समाज सेवा में उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने कहा कि उनका जीवन सेवा, सदाचार और आध्यात्मिक मूल्यों का प्रतीक था, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा। इस अवसर पर सुनील भगत, गंगाराम, मनोहर लाल शर्मा, अनिल शर्मा, मुकेश शर्मा, अंकित, संदीप पांडेय सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। अंत में सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। कार्यक्रम के उपरांत उपस्थित सभी लोगों के लिए सादर प्रतिभोज की व्यवस्था की गई।
🟥 श्रद्धा और सेवा का संदेश श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं को सशक्त करते हैं और दिवंगत आत्माओं के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर प्रदान करते हैं।




