*युवाओं में तनाव व आत्महत्या रोकथाम पर जागरूकता कार्यक्रम, आईसीएफएआई विश्वविद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान*

(रिपोर्ट@संवाददाता) देहरादून/उत्तराखंड भास्कर- आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के आईयूडी स्वास्थ्य एवं कल्याण प्रकोष्ठ तथा राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा “साइलेंट स्ट्रगल्स: भारत के युवाओं में तनाव की पहचान और आत्महत्या की रोकथाम” विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में बढ़ती मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जागरूकता फैलाना तथा आत्महत्या की प्रवृत्ति की रोकथाम हेतु मार्गदर्शन प्रदान करना था।
मुख्य अतिथि एवं वक्ता के रूप में झाझरा स्थित गौतम बुद्ध चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध डॉ. के.के.बी.एम. सुभारती चिकित्सालय के मनोचिकित्सा विभाग के सहायक आचार्य एवं प्रख्यात मनोचिकित्सक डॉ. संकल्प दीक्षित उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने युवाओं में बढ़ती मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों—तनाव, चिंता, अवसाद और आत्मघाती प्रवृत्तियों—पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को चेतावनी संकेतों की समय रहते पहचान करने, सकारात्मक सोच एवं भावनात्मक दृढ़ता विकसित करने, तनाव प्रबंधन की प्रभावी रणनीतियाँ अपनाने तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ से परामर्श लेने के महत्व पर व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. आर.सी. रमोला, तकनीकी अधिष्ठाता संजीव कुमार, विधि अधिष्ठाता मोनिका खारलों, डॉ. शालिनी बहुगुणा एवं सुश्री रिया जुनेजा सहित अन्य प्राध्यापकगण उपस्थित रहे। समापन अवसर पर कुलसचिव डॉ. रमोला एवं सुश्री रिया जुनेजा द्वारा डॉ. संकल्प दीक्षित को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल समन्वयन आकाश कुशवाहा एवं अक्षित बहुगुणा ने, विपणन एवं प्रचार-प्रसार प्रमुख डॉ. प्रशांत कुमार भटनागर के मार्गदर्शन में किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही।




