Blogउत्तराखंड भास्करऋषिकेशखास खबरदेहरादूनसिटी एक्सप्रेस स्पेशल

*कोर्ट में भी नहीं सुलझा विवाद, मानव अधिकार संगठन ने कराया समझौता, 8 लाख में खत्म हुआ वर्षों पुराना पारिवारिक झगड़ा*

 

(रिपोर्ट@संवाददाता)                                      ऋषिकेश/उत्तराखंड भास्कर-  वर्षों से चले आ रहे पारिवारिक विवाद को जहां न्यायालय स्तर पर भी समाधान नहीं मिल पाया, वहीं मानव अधिकार युवा संगठन भारत की पहल से आखिरकार यह मामला आपसी सहमति से सुलझ गया। प्रथम पक्ष अमरनाथ गौड़ (पुत्र दीनानाथ गौड़), उनकी पत्नी रिंकू गौड़ व पुत्रियां पायल गौड़, नूपुर गौड़ और द्वितीय पक्ष दीनानाथ गौड़, रमा देवी, कमलेश कुमार गौड़, रवि कुमार गौड़ व अमित गौड़ निवासी शांति विहार, अठूरवाला, देहरादून के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद संगठन की मध्यस्थता से समाप्त हुआ।

संस्था के प्रयासों से दोनों पक्ष आमने-सामने बैठकर समझौते पर सहमत हुए, जिसके तहत द्वितीय पक्ष द्वारा प्रथम पक्ष को कुल 8 लाख रुपये की धनराशि चेक व ऑनलाइन माध्यम से अदा की गई। फोटो में भी चेक सौंपते हुए समझौते की प्रक्रिया को अंतिम रूप देते देखा जा सकता है। समझौता पत्र पर दोनों पक्षों ने स्वेच्छा से हस्ताक्षर करते हुए सभी विवादों को समाप्त करने और भविष्य में किसी भी प्रकार का दावा न करने पर सहमति जताई।

इस पूरे मामले में मानव अधिकार युवा संगठन भारत ने निर्णायक भूमिका निभाई। संगठन के अध्यक्ष अशरफी राणावत के नेतृत्व में कानूनी सलाहकार अनीता रामपाल, प्रदेश अध्यक्ष जय भट्ट, प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमारी जुगराण और जिला अध्यक्ष किरन त्यागी ने लगातार प्रयास कर दोनों पक्षों को समझाने और एक मंच पर लाने का काम किया।

संगठन का कहना है कि उनका उद्देश्य समाज में बढ़ते विवादों को न्यायालय से पहले ही आपसी सहमति से सुलझाना और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना है। संस्था नशा मुक्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य और घरेलू हिंसा जैसे मामलों में भी लगातार निःशुल्क सेवाएं दे रही है। इस अवसर पर जिलामंत्री लेखपाल, सदस्य आनंदी जोशी, सविता सहित अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। स्थानीय लोगों ने संगठन की इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में शांति और भाईचारे को मजबूत करते हैं।

Related Articles

Back to top button