*यमकेश्वर में दिखी आध्यात्म, तकनीक और विकास की त्रिवेणी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पुष्कर सिंह धामी ने शिव मंदिर में किया पूजन, पैतृक गांव पंचूर में महायज्ञ में हुए शामिल, बिथ्याणी महाविद्यालय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक से रूबरू हुए दोनों मुख्यमंत्री, मुक्त व्यायामशाला में व्यायाम कर युवाओं को दिया फिटनेस मंत्र*

(रिपोर्ट@ईश्वर शुक्ला) यमकेश्वर/ऋषिकेश/उत्तराखंड भास्कर- उत्तराखंड की पावन धरती यमकेश्वर सोमवार को आध्यात्म, संस्कृति, तकनीक और विकास के ऐतिहासिक संगम की साक्षी बनी, जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संयुक्त रूप से क्षेत्र का भ्रमण कर कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। दोनों मुख्यमंत्रियों के आगमन से पूरे क्षेत्र में उत्साह और उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ यमकेश्वर स्थित प्राचीन शिव मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ। दोनों मुख्यमंत्रियों ने भगवान शिव से देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की। इस दौरान मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। यमकेश्वर पहुंचने पर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने दोनों अतिथियों का औपचारिक स्वागत किया।
इसके उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने पैतृक गांव पंचूर पहुंचे, जहां उन्होंने श्री विष्णु महायज्ञ में भाग लेकर धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता की। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आध्यात्मिकता जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले जहां केवल श्रद्धा और आस्था का केंद्र था, आज वहां भव्य मंदिर निर्माण क्षेत्र की धार्मिक चेतना और जनसहयोग का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने युवाओं से सकारात्मक सोच और ईश्वर भक्ति को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास की किरण पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बिथ्याणी महाविद्यालय को “आदर्श महाविद्यालय” के रूप में विकसित करने तथा क्षेत्र में लघु खेल मैदान निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि युवाओं को वैश्विक स्तर की शिक्षा, तकनीक और खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय, बिथ्याणी पहुंचने पर छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दोनों मुख्यमंत्रियों का भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर दोनों मुख्यमंत्रियों ने गुरु गोरखनाथ की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। शिक्षा के डिजिटलीकरण और आधुनिक तकनीक की दिशा में महाविद्यालय की नई कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित वेबसाइट का शुभारंभ भी किया गया। वेबसाइट की कार्यप्रणाली की जानकारी त्रिलोक चंद्र शर्मा द्वारा विस्तार से दी गई।
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक क्षण तब देखने को मिला जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित संवाद प्रणाली से बातचीत कर महाविद्यालय की परीक्षा प्रणाली और परिणामों की जानकारी प्राप्त की, जबकि मुख्यमंत्री धामी ने छात्र संख्या, कौशल विकास और शैक्षिक गतिविधियों से जुड़े विषयों पर चर्चा की। इस दौरान उपस्थित छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने तकनीक और शिक्षा के इस अभिनव समन्वय की सराहना की।
इसके अलावा महाविद्यालय के नवीन भवन एवं अत्याधुनिक संगोष्ठी कक्ष का उद्घाटन किया गया तथा “विकसित भारत : एक संकल्प” पुस्तक का विमोचन भी गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। युवाओं को स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से महाविद्यालय परिसर में मुक्त व्यायामशाला का शिलान्यास भी किया गया। दोनों मुख्यमंत्रियों ने स्वयं व्यायाम उपकरणों का उपयोग कर युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
प्रस्तावित लघु खेल मैदान की भूमि का निरीक्षण करते हुए दोनों मुख्यमंत्रियों ने अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह खेल मैदान क्षेत्र के युवाओं के लिए खेल प्रतिभाओं को निखारने का सशक्त मंच बनेगा।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डॉ. धन सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, स्थानीय विधायक रेनू बिष्ट, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. आनंद उनियाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, उपजिलाधिकारी अनिल चन्याल, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. योगेश कुमार शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष राजगौरव नौटियाल सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।




