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*दशज्यूला की दो सड़कों पर 27 अक्टूबर से शुरू होगा डामरीकरण!, जिलाधिकारी के हस्तक्षेप पर विभाग का आश्वासन, काम शुरू नहीं हुआ तो 31 अक्टूबर से उग्र आंदोलन और आमरण अनशन करेंगे ग्रामीण*

 

(रिपोर्ट@हरीश चन्द्र)
रुद्रप्रयाग/उत्तराखंड भास्कर। दशज्यूला क्षेत्र की दो प्रमुख सड़कों पर लंबे समय से लंबित डामरीकरण कार्य शुरू कराने की मांग को लेकर जिला पंचायत सदस्य जयवर्धन काण्डपाल के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जिलाधिकारी विशाल मिश्रा से मुलाकात की। ग्रामीणों की समस्या पर जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद पीएमजीएसवाई रुद्रप्रयाग ने जागतोली–कोटखाल और चोपड़ा–काण्डई मोटर मार्ग पर 27 अक्टूबर 2026 से डामरीकरण कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया है। जिला पंचायत सदस्य जयवर्धन काण्डपाल ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि दोनों सड़कों पर लंबे समय से काम अधूरा पड़ा है, जिससे क्षेत्रवासियों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क निर्माण और डामरीकरण के लिए ग्रामीणों तथा जनप्रतिनिधियों को बार-बार विभागीय कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, लेकिन कार्य शुरू नहीं होने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को तलब कर दोनों सड़कों पर लंबित कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र फर्स्वाण ने बताया कि चोपड़ा–काण्डई मोटर मार्ग की 13.5 किलोमीटर स्वीकृत लंबाई में से चार किलोमीटर हिस्से में डामरीकरण किया जा चुका है, जबकि जागतोली–कोटखाल मोटर मार्ग की कुल 9.10 किलोमीटर लंबाई में से 1.50 किलोमीटर हिस्से पर डामरीकरण का कार्य पूरा हुआ है। दोनों सड़कों का शेष कार्य अभी लंबित है। उन्होंने बताया कि संबंधित ठेकेदारों को कई बार कार्य शुरू करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। वार्ता के दौरान विभाग की ओर से ठेकेदारों को 27 अक्टूबर से डामरीकरण कार्य शुरू करने के निर्देश जारी किए जाने का आश्वासन दिया गया।

जिलाधिकारी से मुलाकात करने वालों में ग्राम प्रधान इशाला राजेन्द्र राणा, देवेंद्र बासकण्डी, कालिका काण्डपाल, बुद्धि बल्लभ थपलियाल, गजेंद्र राणा, वासुदेव राणा, मुकेश बिष्ट, विनीत बिष्ट, ललित मोहन काण्डपाल, सुदर्शन सिंह नेगी, सुदर्शन नेगी, विजय पाल कठैत, गोपाल सिंह बासकण्डी, पंकज राणा, हरि शरण पांडे और कुंवर सिंह सहित अन्य ग्रामीण शामिल रहे। जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 30 अक्टूबर तक दोनों सड़कों पर धरातल पर डामरीकरण कार्य शुरू नहीं हुआ तो क्षेत्रवासी 31 अक्टूबर से उग्र आंदोलन शुरू करने के साथ आमरण अनशन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित सड़क कार्यों के कारण जनता परेशान है और अब आश्वासन के बजाय धरातल पर काम दिखाई देना चाहिए। ग्रामीणों ने चेताया कि आंदोलन की स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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